Bathroom Camping क्या है? Gen Z का नया Stress Relief ट्रेंड 2025

आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में Gen Z ने स्ट्रेस से बचने के लिए एक अनोखा तरीका खोज निकाला है – Bathroom Camping अगर आपने अभी तक इस टर्म के बारे में नहीं सुना है तो आप अकेले नहीं हैं, एसे बहुत से माता-पिता है जिन्होने इसके बारे मे अभी तक नही सुना है यह सब कुछ इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। आज इस article मे हम आपको इसी के बारे मे बताने कि कोशिश करेगे। चलिये शुरु करते है:

  • क्या है Bathroom Camping?

Bathroom Camping का मतलब है – बाथरूम या टॉयलेट को एक प्राइवेट सैंक्चुरी यानी ‘छुपने की जगह’ बना लेना। लोग खासकर Gen Z के युवा बाथरूम में लंबा वक्त बिताते हैं – कभी फर्श पर बैठकर, कभी टॉयलेट सीट पर बैठकर या कभी नहाने के बहाने। वहाँ वो मोबाइल पर शॉर्ट्स देखते हैं, म्यूजिक सुनते हैं, मेडिटेशन करते हैं या बस चुपचाप रिलैक्स होते हैं।

Instagram पर कई युवाओं ने Bathroom Camping को “Mini Mental Vacation” कहा है। जब घर या ऑफिस में प्राइवेसी नहीं मिलती तो युवा के लिये बाथरूम एक Safe Zone बन जाता है।

Gen Z यूथ बाथरूम में रिलैक्स करते हुए Bathroom Camping करते हुए
Gen Z यूथ बाथरूम में | canva Ai
  • Bathroom Camping क्यों हुआ वायरल?

Gen Z के बीच Mental Health को लेकर पहले से ज्यादा जागरूकता है। वो Emotional Burnout, Social Pressure और Overstimulation से निपटने के नए तरीके ढूंढते रहते हैं। Social Media की वजह से Privacy और Alone Time लगभग गायब हो गया है। ऐसे में बाथरूम ही एक ऐसी जगह बची है जहाँ कोई Disturb नहीं करता।

एक रिसर्च में पता चला है कि 70% Gen Z यूथ दिन में कम से कम 15-30 मिनट बाथरूम में Unnecessarily बिताते हैं। इसी से Bathroom Camping ट्रेंड बन गया है।

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  • क्या फायदे हैं Bathroom Camping के?
  1. Alone Time:
    दिनभर की भागदौड़ से ब्रेक लेकर Alone Time मिल जाता है। दिमाग को थोड़ी देर के लिए Rest मिलता है।
  2. Stress Relief:
    सॉफ्ट लाइट, बंद दरवाजा और शांत माहौल मन को शांत करता है।
  3. Instant Escape:
    घर या हॉस्टल में झगड़ा हो या काम का स्ट्रेस – 5-10 मिनट बाथरूम में छुपकर आप खुद को Reset कर सकते हैं।
  • क्या नुकसान भी हैं Bathroom Camping के?
  1. Hygiene Issue:
    लंबा वक्त बाथरूम में बैठने से साफ-सफाई की दिक्कत हो सकती है, खासकर अगर फर्श पर बैठते हैं।
  2. Social Disconnect:
    Bathroom Camping के आदत पड़ने से लोग असली दुनिया से कनेक्ट नहीं हो पाते।
  3. Health Risk:
    बार-बार ठंडे फर्श पर बैठना या गीले टॉयलेट में देर तक रहना शरीर के लिए अच्छा नहीं है।
  • क्या कहती है Psychology?

Mental Health Experts का कहना है कि Bathroom Camping Temporarily Comfort देता है लेकिन अगर ये आदत बन जाए तो ये Social Anxiety और Isolation को बढ़ावा दे सकता है। बेहतर होगा कि लोग अपनी Privacy जरूरतों को Family या Roommates के साथ शेयर करें।

  • क्या ये India में भी ट्रेंड कर रहा है?

India में भी Hostel Culture, PGs और छोटे अपार्टमेंट्स में Bathroom Camping धीरे-धीरे Popular हो रहा है। कई Reels पर #BathroomCamping पर लाखों Views हैं। खासकर कॉलेज स्टूडेंट्स इसे ‘Mini Getaway’ कहते हैं।

  • Bathroom Camping के Healthy Alternative

1.Meditation या Mindfulness का Proper Routine बनाएं
2. Music सुनने के लिए Dedicated Quiet Spot बनाएं
3. Family या Friends के साथ अपनी Alone Time Needs Discuss करें
4. जरूरत पड़ने पर Mental Health Expert से सलाह लें

  • निष्कर्ष

Bathroom Camping ने दिखाया कि आज का Youth कितनी जल्दी Unconventional तरीके अपनाता है। ये ट्रेंड Mental Health Awareness को तो बढ़ाता है लेकिन इसका Limit में इस्तेमाल करना ही सही रहेगा।

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